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Saturday, June 6, 2020

Basic of Operating System - CCC

आपरेटिंग सिस्टम क्या है – What is Operating System

    आपरेटिंग सिस्टम को सिस्टम सॉफ्टवेर भी कहा जाता है. इसको छोटे नाम से ज्यादातर लोग OS बोलते है. इसको कंप्यूटर का दिल भी कहा जाता है. आपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेर है, जो की User मतलब आप के और Computer Hardware के बिच में Interface जैसे काम करता है.
    जब भी आप Computer को चलाते हो तब ये OS ही आपको Computer इस्तेमाल करने का जरिया देता है. जैसे आप गाना सुनते हो, Word Document के ऊपर Double Click करते हो, तीन-चार Window खोलते हो, Keyboard में कुछ लिखते हो, और कुछ File Computer में Save करते हो तो ये सब आप बिना Operating System के कभी नहीं कर सकते.
  तो यही OS एक एसा Software है जिसकी मदद से आप अपने Computer को चलाते हो. इसलिए जब भी आप नया Computer खरीदते हो उसमे आप सबसे पहले Windows7, Window 8 या फिर Windows10 को Load करवाते हो दुकानदार से और उसके बाद आप Computer को अपने घर ले जाते हो. वरना बिना Operating System के तो कभी अपने Computer को On भी नहीं कर सकते.
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    ये भी एक सवाल है की इसको System Software क्यूँ बोला ज्याता है. अगर आप Computer में User Software मतलब Application Software को चलाना चाहते हो तो वो बिना OS के कभी चल ही नहीं सकते.
    OS Computer Hardware को अच्छे से इस्तेमाल करने में मदद करता है. Operating System मुख्य रूप से यही कुछ काम करता है जैसे Keyboard से कुछ Input लेता है, Instruction को Process करता है, और Output को Computer Screen पे भेजता है.
     Operating system को आप तभी देखते हो जब Computer को On करते हो तब और जब Computer बंद करते हो. आप Game, MS word, Adobe Reader, VLC मीडिया Player, Photoshop जैसे और बोहत सारे Software Computer के अंदर रहते है इनको चलाने के लिए एक Program या बड़ा Software चाहिए जिसको हम Operating System बोलते हैं.
     Mobile में उपयोग होने वाले OS का नाम है Android जिसके बारे में सबको पता है. आपको पता चल गया होगा के Operating System क्या है, तो चलिए इसके कुछ काम के बारे में जान लेते है.
कुछ मुख्य ऑपरेटिंग सिस्टम जिनका प्रयोग डेस्कटॉप या लैपटॉप में किया जाता है -
  • Microsoft Windows
  • Apple Mac OS
  • Linux Mint
  • Debian
  • Ubuntu
  • Fedora
  • Chrome OS
  • DOS etc.

ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य

    वैसे Computer बहुत सारे काम करता है, लेकिन सबसे पहले जब आप Computer को On करते हो तब Operating System पहले Main Memory मतलब RAM में load होता है और इसके बाद ये User Software को कौन-कौन से Hardware चाहिए वो सब Allocate करता है. नीचे OS के अलग अलग काम दिए गए हैं, उनके बारे में और Detail में जानते हैं.
  • Memory Management
  • Processor management (Process Scheduling)
  • Device Management
  • File Management
  • Security
  • System Performance देखना
  • Error बताना
  • Software और User के बिच में तालमेल बनाना

  1. Memory Management

    Memory Management का मतलब है Primary Memory और Secondary Memory को Manage करना. Memory में बहुत सारे छोटे छोटे खाचें होते हैं जहाँ पे हम कुछ data रख सके हैं. जहाँ पे हर एक खाचें का Address होता है. Main Memory सबसे तेज चलने वाला Memory है जिसको CPU Direct इस्तेमाल करता है. क्यूंकि CPU जितने भी Program को चलता है वो सब Main Memory में ही होते हैं.
Operating System ये सारे काम करता है.
  • Main Memory का कौन-सा हिसा इस्तेमाल होगा, कौन-सा नहीं होगा, कितना होगा, कितना नहीं होगा.
  • Multiprocessing में OS decide करता है की किस Process को Memory दिया जायेगा और किसको कितना दिया जायेगा.
  • जब Process Memory मांगती है तब उसको Memory OS दे देता है (Process का मतलब है एक Task या फिर एक छोटा काम जो की Computer के अंदर होता है)
  • जब Process अपना काम ख़तम कर लेती है तो OS वापस अपनी Memory ले लेता है.
  1. Basic Application of Computer
  2. Classification of Computer

  2. Processor Management (Process Scheduling)

    जब Multi Programming Environment की बात की जाये तो OS Decide करता है, की किस Process को Processor मिलेगा और किसको नहीं मिलेगा और कितने समय तक मिलेगा.
    इस Process को बोला ज्याता है Process Scheduling. Operating System ये सब काम करवाता है.
  • Operating System ये भी देखता है Processor खाली है या फिर कुछ काम कर रहा है, या Free है और Process अपना काम ख़तम कर लिया है या नहीं. आप चाहो तो Task Manager में जाक देख सकते हो की कितने काम चल रहे हैं और कितने नहीं. जो Program ये सब काम करवा ता है, उसका नाम है Traffic Controller.
  • Process को CPU Allocate करता है.
  • जब एक Process का काम ख़तम हो ज्याता है, तो वो Processor को दुसारे काम में लगाता है, और कुछ काम नहीं होने पर Processor को Free कर देता है.
  1. IT Gadgets and their applications
  2. Basics of Hardware & Software 
  3. Computer Memory & Storage

     3. Device Management

         आप के Computer में Driver का इस्तेमाल तो होता है, जैसे की Sound Driver, Bluetooth Driver, Graphics Driver, WiFi Driver लेकिन ये अलग-अलग Input/Output Device को चलाने में मदद करते हैं, लेकिन इन Drivers को OS चलता है.
    • सभी Computer Devices को Track करता है और ये Task जो करवाता है उस program का नाम है I/O Controller.
    • जैसे अलग अलग Process को Devices चाहिए कुछ Task करेने के लिए, तो device Allocate का काम भी OS करता है. एक उदहारण ले ले ते हैं एक Process को कुछ Task करने है जैसे video play करना, Print निकाल ना, तो ये दोनों Task Output device Monitor, printer की मदद से होगा. तो ये दोनों device को Process को कब देना है ये काम OS करता है.
    • जब Process का काम ख़तम हो ज्याता है तो वो वापस device De allocate करता है.

       4. File Management

        एक File में बहुत सारी Directories को संगठन करके रखा ज्याता है. क्यूंकि इससे हम आसानी से data ढूंड सके. अब जानते हैं File Management में OS का क्या काम है.
    • Information, Location और Status को संगठित करके रखता है. ये सब file system देखता है.
    • किसको कोनसा Resource मिलेगा.
    • Resource De-allocate करना है.

       5. Security

         जब आप अपना Computer को On करते हो तो आप को वो Password पूछता है, इसका मतलब ये है की OS आपके System को Unauthenticated Access से रोकता है. इससे आपका Computer सुरक्षित रहता है. और कुछ program को बिना password के आप open नहीं कर सकते है.

      6. System Performance देखना

    ये Computer के Performance को देखता है और system को Improve करता है. OS एक service देने में कितना समय लगाता है, ये रिकॉर्ड करके रखता है.

       7. Error बताना

        अगर System में बोहत सारे error आ रहे है तो उनको OS Detect करता है और Recover करता है.

       8. Software और User के बिच में तालमेल बनाना

    • Compiler, Interpreter और assembler को Task assign करता है. अलग अलग Software को User के साथ जोड़ता है, जिस से user Software को अछे से इस्तेमाल करता है.
    • User और System के बिच में Communication प्रदान करता है.
    • Operating System BIOS में Store होके रहता है. बाकि सब application को भी user-friendly बनाता है.
    1. Software
    2. Open Source & Proprietary Software
    3. Mobile Apps

       ऑपरेटिंग सिस्टम की विशेषताएं

    • एक Operating System बोहत सारे Program के Collection है, जो की दुसारे program को चला ता है.
    • ये सारे Input/output Device को Control करता है.
    • सारे application software run करने की responsibility Operating system की है.
    • Process Scheduling का काम मतलब Process allocate करना और de allocate करना.
    • System में हो रहे errors और खतरों के बारे में अवगत कराता है.
    • User और Computer Programs के बीच अच्छा तालमेल स्थापित करता हैं.

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