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Wednesday, June 3, 2020

Classifications of Computer - CCC

Classifications of Computer - (कंप्यूटर का वर्गीकरण)

     कंप्यूटर एक ऐसा यंत्र है जिसको कई अलग-अलग जगहों पर जरूरत के अनुसार प्रयोग किया जाता है | इसलिए कंप्यूटर का सीधे तौर पर वर्गीकरण करना बहुत ही मुश्किल है|  कंप्यूटर का वर्गीकरण उसके द्वारा किए जाने वाले कार्यों की के आधार पर तथा अनुप्रयोग के आधार पर किया जाता है | कंप्यूटर को तीन आधारों पर वर्गीकृत किया गया है:-  
  1. अनुप्रयोग के आधार पर (Application)
  2. आकर के आधार पर (Size)
  3. उद्देश्य के आधार पर (Purpose)
types-of-computer
  1. अनुप्रयोग के आधार पर (Application)
  (i). Analog Computer :-
      Analog Computer वे Computer होते है जो भौतिक मात्राओ (Physical quantities), जैसे- दाब (Pressure), तापमान (Temperature), लम्बाई (Length), ऊचाई (Height) आदि को मापकर उनके परिमाप अंको में व्यक्त करते है ये Computer किसी राशि का परिमाप तुलना के आधार पर करते है 
  जैसे-  Thermometer, Speedometer.
Analog Computer मुख्य रूप से शोध संस्थानों,  तथा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रयोग किया जाता है,  इन सभी क्षेत्रों में भौतिक मात्राओं जैसे तापमान दाब लंबाई ऊंचाई आदि को मापने की अधिक आवश्यकता होती है जिसके लिए एनालॉग कंप्यूटर सबसे अच्छा विकल्प है|
 (ii). Digital Computer :-
     डिजिटल कंप्यूटर बाइनरी नंबर सिस्टम पर  कार्य करता है| इसका उपयोग अंकों की गणना करने के लिए किया जाता है | इनपुट किए गए डेटा और प्रोग्राम को 0 और 1 में परिवर्तित करके इन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रयुक्त करते हैं|
  (Desktop, Laptop, Mobile, etc)




  (iii). Hybrid Computer (Analog + Digital) :-

     इसके द्वारा भौतिक मात्राओं को अंको में परिवर्तित करके उन्हें डिजिटल रूप में प्रोसेस करने का कार्य करता है| 
  (ECG, Dialysis machine, etc)
  2. आकर के आधार पर (Size)
  (i). Microcomputers :-
     माइक्रो कंप्यूटर छोटे (small) , कम लागत (low-cost ) वाले और single user डिजिटल कंप्यूटर हैं | उनमें सीपीयू, इनपुट यूनिट, आउटपुट यूनिट, स्टोरेज यूनिट और सॉफ्टवेयर शामिल होते हैं| (PC, Laptop, notebook computer, smart phone, Palmtop).
  (ii). Mini Computer :-
     यह आकार में माइक्रो कंप्यूटर से बड़े होते हैं और मल्टी यूजर होते हैं | इसमें एक साथ 250 यूज़र तक काम कर सकते हैं | इनकी कार्य करने की क्षमता माइक्रो कंप्यूटर से कई गुना होती है |
  (iii). Mainframe :-
      मेनफ्रेम आकार में बहुत बड़ा है और महंगा कंप्यूटर है | इसमें एक साथ सैकड़ों या हजारों यूज़र तक काम कर सकते हैं | इसका उपयोग बड़ी कंपनियों द्वारा Server कंप्यूटर के रूप में किया जाता है
  (iv). Supercomputer :-
       सुपरकंप्यूटर वर्तमान में उपलब्ध सबसे तेज़ कंप्यूटरों में से एक हैं। सुपरकंप्यूटर बहुत महंगा होते हैं और विशेष अनुप्रयोगों के लिए नियोजित होते हैं | उदाहरण के लिए, मौसम पूर्वानुमान, वैज्ञानिक सिमुलेशन, (एनिमेटेड) ग्राफिक्स,  परमाणु ऊर्जा अनुसंधान, इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन, और भूवैज्ञानिक डेटा का विश्लेषण में प्रयोग किए जाते हैं ।
 विश्व का प्रथम सुपर कंप्यूटर Cray  रिसर्च कंपनी द्वारा 1976 में विकसित Cray-1 था |
भारत में निर्मित सुपर कंप्यूटर:-
  1. PARAM 8000
  2. PARAM 10000
  3. Aaditya – आदित्य
  4. Anupam – अनुपम
  5. PARAM Yuva – परम युवा
  6. PARAM Yuva II – परम युवा द्वितीय
  7. EKA – एका
  3. उद्देश्य के आधार पर (Purpose)
  (i). सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर (General Purpose Computer) :-
     इन कंप्यूटर्स में अनेक प्रकार के कार्य करने की क्षमता होती है| 
    जैसे:- Word Processing,  Document को छापना , डाटाबेस बनाना।
  (ii). विशिष्ठ उद्देश्य कम्प्यूटर (Special Purpose Computer) :-
     इन कम्प्यूटर को किसी विशेष कार्य के लिए बनाया जाता है इन कंप्यूटर के C.P.U. की क्षमता उस र्य के अनुरूप होती है। जिस कार्य के लिए इस कंप्यूटर को बनाया जाता है।
  जैसे – अंतरिक्ष विज्ञानं ,मौसम विज्ञानं , उपग्रह संचालन में ,चिकित्सा के क्षेत्र में, यातायात नियंत्रण में , इंजीनरिंग आदि क्षेत्रो में इन कंप्यूटर का प्रोयग किया जाता है।

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