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Monday, June 8, 2020

Types of Operating System in Hindi, ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार

 
  operating systems for desktop and laptop

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार – Types Of Operating System

     दिन प्रतिदिन Technology बदलती जा रही है और इसके साथ सब कुछ बदल रहा है तो वैसे ही Operating System का उपयोग हर Field में बढ़ता जा रहा है जैसे रेलवे, Research, Satellite, Industry इन सभी इंडस्ट्री में बहुत तेजी के साथ कंप्यूटर का प्रयोग हो रहा है.
     नीचे Operating System प्रकार दिए जा रहे हैं -
  •  Batch Operating System
  •  Simple Batch Operating System
  •  Multi programming Batch Operating System
  •  Network Operating System
  •  Multiprocessor Operating System
  •  Distributed Operating System
  • Time-Sharing Operating System
  •  Real-Time Operating System

1) Batch Processing Operating System

    बैच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोसेस शुरू होने से पहले एक बैच में प्रोग्राम और डाटा को एक साथ इकठ्ठा करता है.
    Batch Processing System का main function होता है की वो jobs को batch में automatically ही execute करें. इस काम में जो सबसे महत्वपूर्ण कार्य करता है वो होता है ‘Batch Monitor’ जो की main memory के low-end में स्तिथ होता है.

2) Simple Batch System

    ये सबसे पुराने वाले system है जिसमे कोई Direct interaction नहीं था user और Computer के बिच में. इस system में user को Task या job को Process करने के लिए कोई Storage Unit में लेके आना पड़ता था और उसको Computer operator के पास submit करना पड़ता था.
   इसमें बहुत सारे Jobs को एक batch या line में Computer को दिया ज्याता था. कुछ दिनों के अंदर या फिर कुछ महीनो के अंदर वो job Process होती थी और एक output Device में Output Store होता था. ये system jobs को batch में Process करता था इसलिए इसका नाम भी batch mode operating system बोला ज्याता था.

3) Multi Programming Batch Systems

   एक बहु-उपयोगकर्ता ऑपरेटिंग सिस्टम एक कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कई उपयोगकर्ता को उस पर एक ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ एकल सिस्टम तक पहुँचाने की अनुमति देता है. यह आमतौर पर बड़े कंप्यूटर पर उपयोग किया जाता है.

4) Network Operating System

“Network Operating System” को शोर्ट में NOS बोलते हैं. ये network operating system उन computers को अपना services प्रदान करता है जो की एक network से connected होते हैं.
इसमें आते हैं Shared File Access, Shared Applications, और Printing Capabilities.
NOS एक ऐसा प्रकार का software होता है जो की allow करता है Multiple Computers को एक-साथ Communicate (संचार) करने के लिए, Files share करने के लिए और दूसरे Hardware Devices के साथ भी संचार करने के लिए.
एक NOS (Network Operating System in Hindi) के मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं : –
Peer-to-peer (P2P) OS, जिन्हें की प्रत्येक Computer में Install किया जाता है. वहीँ दूसरा होता है एक Client-Server Model, जिसमें की एक machine होता है server और दुसरे में client software install हुआ होता है.
   Network Operating Systems के प्रकार:-
Network Operating System मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं -
  • Peer-to-peer NOS
  • Client/Server NOS
 1. Peer-to-Peer Network Operating System users को allow करता है network resources को share करने के लिए जो की saved होते हैं common, accessible network location में. इस architecture में, सभी devices को equally treat किया जाता है functionality के हिसाब से.
Peer-to-peer सबसे बढ़िया काम करता है छोटे से लेकर medium LANs में, साथ में इन्हें setup करना भी बहुत सस्ता होता है.
2. Client/Server Network Operating System users को प्रदान करता है सभी resources को access करने के लिए एक server के माध्यम से. इसके architecture में, सभी functions और applications को unify किया जाता है एक file server के अंतर्गत जिसका इस्तमाल की individual client actions के द्वारा execute किया जा सके वो भी किसी भी physical location में क्यूँ न हो.
Client/server को install करना बहुत कठिन है, वहीँ इसमें ज्यादा मात्रा की technical maintenance की जरुरत होती है. और इसमें ज्यादा खर्चा भी होता है.
एक Network Operating System को हर दर्शा सकते हैं एक Basic OS के तौर पर जो कि Run करती हैं एक Network Device, जैसे की Router या Firewall.
5) Multiprocessor System
Multiprocessor system में बहुत सारे Processors एक Common Physical Memory का इस्तेमाल करते है. इसमें Computing power काफी तेज होता है. ये सारे Processor एक Operating system के under काम करते हैं. यहाँ पे कुछ इसके Advantages दिए गए हैं
Advantages 1)  रफ़्तार बहुत ज्यादा होती है क्यूंकि Multiprocessor का इस्तेमाल होता है.
2)  इस OS में Task को sub Task में Divide किया ज्याता है, और हर एक Sub Task को अलग अलग Processor को दिया ज्याता है, ख़ास इसी वजह से एक Task काफी कम वक्त में Complete हो जाता है.

6) Distributed Operating System

Distributed Operating system इस्तेमाल करने का एक ही मकसद यह है की ,ये दुनिया के पास Powerful OS है और microprocessor काफी सस्ते हो गए हैं, साथ ही Communication Technology में काफी सुधार है.
इस advancement की वजह से अब Distributed OS को बनाया गया जिसका दाम काफी सस्ता होता है और दूर दूर वाले Computer को network के जरिये रोक के रखता है. जो की अपने आप में ही एक बड़ी उपलब्धि है.

Advantages

1)   इनसे Processing Fast होती है.
2)  जो Host machine है उसके उपर Load कम होता है, क्यूंकि Load Distribute हो ज्याता है.


7) Time Sharing Operating System

इसमें प्रत्येक काम को सही ढंग से पूर्ण करने के लिए OS के द्वारा कुछ समय प्रदान किया जाता है, जिससे की प्रत्येक Task सही ढंग से पूर्ण हो सके. वहीँ इसमे हर यूजर सिंगल सिस्टम का इस्तेमाल करता है जिससे CPU को टाइम दिया जाता है. इस प्रकार के सिस्टम को Multitasking सिस्टम भी बोला जाता है.
इसमें जो भी टास्क होता है वो दोनों तरह के यूजर single user और  multi user दोनों कर सकते हैं.
प्रत्येक task को पूर्ण करने के लिए जितना समय लगता है उसे quantum बोलते है. वहीँ हर टास्क को पूर्ण करने के बाद ही OS फिर अगले टास्क को शुरू कर देता है.

Advantages

  • इसमें OS को प्रत्येक task को पूरा करने के लिए बराबर मौका दिया जाता है.
  • आसानी से इसमें CPU idle time को कम किया जा सकता है.
 Time-sharing, operating system के उदाहरण हैं:- Unix


8) Real-Time Operating System

ये सबसे Advance Operating System है, जो की real-time Process करता इसका मतलब है Missile, Railway ticket Booking, Satellite छोड़ते वक्त इन सब में अगर एक Second की भी देरी हुई तो सबकुछ गया पानी में, तो ये Operating System बिलकुल भी Idle नहीं रहता.
ये दो प्रकार के होते है,

1. Hard Real-Time Operating System

ये वो operating system है जो की जिस वक्त के अंदर Task Complete करने का वक्त दिया जाता है उसी वक्त के अंदर काम ख़त्म हो जाता है.
2. Soft Real-Time
Soft Real-Time में वक्त की पाबन्दी थोड़ी कम होती इसमें ये होता है कि अगर एक Task चल रहा है और उसी वक्त कोई दूसरा Task आजाये तो नए Task को पहले Priority दिया जाता है. 
ये कुछ जानकारी थी Types Of Operating system in Hindi.
उम्मीद करते हैं कि आपको ऊपर दी हुई जानकारी पसंद आई होगी.

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